सुदामा पांडेय 'धूमिल'

सुदामा पांडेय 'धूमिल'

Thursday, November 10, 2011

धूमिल के गांव में धूमिल की बातें.............


जनकवि सुदामा पांडेय धूमिल की 75वीं जयंती बुधवार को उनके गांव खेवली में धूमधाम से मनायी गई। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में धूमिल की स्मृतियों को सहेजने के साथ ही उनकी जयंती को खेवली महोत्सव के रूप में मनाने के प्रस्ताव पर विद्वतजनों ने अपनी सहमति जताई। गोष्ठी में मुख्य अतिथि काशी विद्यापीठ हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष श्रद्धानंद ने कहा कि धूमिल जनकवि तो थे ही साथ ही उतने ही निर्भीक भी। धूमिल ने लिखा है कि अन्याय व शोषण के खिलाफ संघर्ष की तीव्रतम परिणति खूनी क्रांति हत्या व हिंसा की जमीन से ऊपर उठकर वर्तमान व्यवस्था के विध्वंस की घोषणा है। सत्य व तर्क की जमीन पर खड़े होकर यह घोषणा करने का साहस सिर्फ जनकवि धूमिल में ही था। विशिष्ट अतिथि डॉ. जयराम सिंह ने कहा कि अपने यहां जनतंत्र एक ऐसा तमाशा है, जिसकी ज्ञान मदारी की भाषा है। अपने यहां संसद तेल की वह घानी है जिसमें आधा तेल व आधा पानी है। कवि व पत्रकार हिमांशु उपाध्याय ने कहा कि रचना के बल पर ऊंचाईयां हासिल करने वाले धूमिल के गांव खेवली में महोत्सव के बहाने याद करने की जरूरत है ताकि इस गांव को भी साहित्यिक व सांस्कृतिक हलचलों से जोड़ा जा सके। गोष्ठी में मौजूद विद्वतजनों के साथ ही ग्रामीणों ने भी इसका समर्थन किया। अध्यक्षता प्रो. अवधेश प्रधान ने की। डॉ. आरके सिंह, डॉ. कन्हैया पांडेय, प्रभाकर सिंह, विशाल विक्रम, डॉ. सदानंद आदि ने विचार व्यक्त किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने धूमिल के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संगोष्ठी के पश्चात रचनाकार धूमिल की पत्‍‌नी श्रीमती मूरत देवी व उनकी चाची प्रभावती देवी समेत अन्य घर के सदस्यों से मिले। स्वागत धूमिल के पुत्र रत्‍‌नशंकर पांडेय, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कन्हैया पांडेय, आनंद रत्‍‌न पांडेय व संचालन देवी शंकर सिंह ने किया। बोले : धूमिल के गांव के साथी कभी धूमिल के साथ पल बिताने वाले घिस्सन यादव उनकी प्रसंशा करते नहीं अघाते। कहते हैं कि इस गांव के विकास के लिए फिलहाल सड़क की बहुत आवश्यकता है। जवाहर यादव ने कहा कि किसी के साथ अन्याय न हो। खेती परिश्रम से हो। भैया लाल मिश्र बोले इस गांव में खेवली महोत्सव का आयोजन हो व पारसनाथ पांडेय व लल्लन विंद ने भी गांव में विकास के साथ ही खेवली महोत्सव की मांग रखी। दिशा-2011 में नृत्य की धूम वाराणसी : पहडि़या स्थित हैप्पी मॉडल स्कूल का वार्षिक पुरस्कार वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम दिशा-2011 का आयोजन बुधवार को नागरी नाटक मंडली में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न लोकनृत्यों व फिल्मी डांस हिपहॉप की धूम रही। थीम डांस शीतला घाट पर हुई बम ब्लॉस्ट की घटना पर आधारित था जिसने लोगों को काफी प्रभावित किया। उद्घाटन मुख्य अतिथि एएफटीसी के प्रधानाचार्य डॉ. डीएन शर्मा एवं सुनंदा श्रीवास्तव ने किया। छात्र-छात्राओंको कक्षानुसार पुरस्कृत किया गया। अतिथि परिचय हेड मिस्ट्रेस विभा सहाय व धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य आशा राय ने किया। मानिनि भगत, प्रबंध निदेशक मनु कुमार भगत, उप निदेशक नीता सिंह समेत छात्र व अभिभावक मौजूद थे।

2 comments:

  1. great job shrikant....tum 10 Nov ko khewali me the kya?

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  2. nahi bhai main to yahi tha.....Pravin Yadav ji ne kuch photo mail kiya hai 9 nove ka jaldi hi upload karuga......

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