सुदामा पांडेय 'धूमिल'

सुदामा पांडेय 'धूमिल'

Saturday, June 24, 2017

जाति व्यवस्था के दंश को झेले बिना उसमें सही होने के लॉजिक तलाशने वालों को सुदामा पांडे ‘धूमिल’ की आखिरी कविता याद रखनी चाहिए -



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